जया एकादशी व्रत: पूजा, महत्व, उपाय और कथा | आज का शुभ व्रत
जया एकादशी: व्रत, पूजा विधि, कथा और आज के शुभ उपाय
28 जनवरी 2026, बुधवार की शाम 04:35 बजे से 29 जनवरी 2026, गुरुवार को दोपहर 01:55 बजे तक जया एकादशी है। यह माघ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी है। इस दिन का व्रत करने से सभी पाप नष्ट होते हैं, भाग्य में वृद्धि होती है और मोक्ष की प्राप्ति संभव होती है।
जया एकादशी का व्रत विशेष रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है।
28 जनवरी 2026 जया एकादशी का महत्व
जया एकादशी माघ मास के शुक्ल पक्ष में आती है। यह पाप नाशक और पुण्यदायक तिथि मानी जाती है। पुराणों में उल्लेख है कि इस दिन व्रत करने से न केवल सामान्य पाप समाप्त होते हैं, बल्कि व्यक्ति को स्वर्गलोक और मोक्ष की प्राप्ति भी होती है।
भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से कहा था:
"माघ मास के शुक्लपक्ष में जो एकादशी होती है, उसका नाम 'जया' है। यह सभी पापों को हरनेवाली उत्तम तिथि है।"
महत्वपूर्ण बात: जया एकादशी का व्रत करने से ब्रह्महत्या, पिशाचत्व और अन्य पापों का नाश होता है।
जया एकादशी व्रत कब रखें
=> 28 जनवरी 2026, बुधवार शाम 04:35 बजे से
=> 29 जनवरी 2026, गुरुवार दोपहर 01:55 बजे तक
विशेष ध्यान: यदि कोई व्रती इस व्रत को 28 जनवरी की शाम से 29 जनवरी की दोपहर तक रखता है, तो उसका व्रत पूर्ण और प्रभावकारी माना जाएगा।
जया एकादशी व्रत की कथा
पुराणों में जया एकादशी की कथा इस प्रकार वर्णित है:
एक समय की बात है कि स्वर्गलोक में देवराज इन्द्र अपने राज्य का संचालन कर रहे थे। देवगण और अप्सराएँ नंदनवन में विहार कर रहे थे। इन्द्र ने पारिजात वृक्षों के नीचे नृत्य और संगीत का आयोजन किया।
गन्धर्वों के तीन प्रधान थे – पुष्पदन्त, चित्रसेन और उसका पुत्र। चित्रसेन की पत्नी का नाम मालिनी था। मालिनी से एक कन्या उत्पन्न हुई, जो पुष्पवन्ती के नाम से प्रसिद्ध थी। पुष्पदन्त गन्धर्व का पुत्र माल्यवान पुष्पवन्ती के रूप से मोहित हो गया।
उनके प्रेम और अनुराग के कारण संगीत और गान में बाधा उत्पन्न हुई। इन्द्र ने इसे अपना अपमान समझा और क्रोधित हो गए। इस कथा से यह संदेश मिलता है कि व्रत और पूजा से व्यक्ति की मानसिक शुद्धि और संयम की प्राप्ति होती है।
जया एकादशी व्रत विधि
व्रत का प्रारंभ
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व्रत की शुरुआत एकादशी तिथि के आरंभ से करें।
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इस दिन साफ-सुथरे स्थान पर पूजा करें।
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व्रती शुद्ध जल और फल का सेवन करें।
पूजा विधि
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व्रत करने वाले को घर के पूजास्थान में भगवान विष्णु का चित्र या मूर्ति स्थापित करना चाहिए।
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गीता, भागवत या अन्य धार्मिक ग्रंथ पढ़ें।
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जया एकादशी व्रत के दौरान सभी काम और व्यस्तता से दूरी बनाएं, ध्यान और पूजा में समय दें।
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भगवान विष्णु, लक्ष्मी और गणेश की आराधना करें।
व्रत का भोग
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फल, सादे भोजन, खिचड़ी या उपवास के लिए हल्का भोजन करें।
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जया एकादशी व्रत के दौरान दूध, दही और शुद्ध जल का विशेष महत्व है।
जया एकादशी व्रत के लाभ
जया एकादशी का व्रत करने से जीवन में कई लाभ होते हैं:
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पापों का नाश और पुण्य की वृद्धि
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परिवार में सुख-शांति का आगमन
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व्यवसाय और आर्थिक मामलों में सफलता
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संतान पक्ष और स्वास्थ्य में लाभ
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मानसिक शांति और ध्यान में वृद्धि
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मोक्ष प्राप्ति की संभावना
एकादशी व्रत से जुड़े उपाय
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व्रत का पालन पूरी श्रद्धा से करें।
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ब्रह्मचर्य का पालन और अहिंसा का पालन आवश्यक है।
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पूजा के दौरान दान और सेवा करें।
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संत और विद्वान लोगों से आशीर्वाद प्राप्त करें।
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व्रत में ध्यान और जप का समावेश करना लाभकारी है।
आज का शुभ व्रत: जया एकादशी का महत्व
28 जनवरी 2026, बुधवार को जया एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन व्रत रखने का मुख्य उद्देश्य पापों से मुक्ति, मानसिक शांति और आत्मिक उन्नति है। भगवान श्रीकृष्ण के अनुसार, माघ मास की शुक्लपक्ष में आने वाली जया एकादशी सभी पापों का नाश करती है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति में सहायता करती है। इस दिन व्रत करने से मनुष्य कभी प्रेतयोनि में नहीं जाता और उसके भाग्य में वृद्धि होती है।
विशेष सलाह: व्रत रखने वाले को सुबह जल्दी उठकर स्नान और स्वच्छता के बाद पूजा करनी चाहिए। पूजा के समय विशेष मंत्रों का जाप और भगवान विष्णु का ध्यान करना लाभकारी होता है। इस दिन दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
क्या करें और क्या न करें: जया एकादशी में सावधानी
क्या करें:
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सुबह जल्दी उठकर भगवान विष्णु की पूजा करें।
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हल्का और शुद्ध आहार लें; फल, दूध और खिचड़ी लाभकारी है।
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गरीबों और जरूरतमंदों को दान दें।
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दिनभर शांत और संयमित व्यवहार करें।
क्या न करें:
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झगड़ा, गाली-गलौज और नकारात्मक कर्म से बचें।
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मांसाहार, शराब और अन्य नशीले पदार्थ न लें।
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व्यस्त और तनावपूर्ण कार्य टालें।
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झूठ और छल-कपट से दूर रहें।
यह दिन केवल व्रत रखने का नहीं है, बल्कि मन, वचन और कर्म में शुद्धता लाने का भी दिन है।
एकादशी व्रत विधि: जया एकादशी कैसे करें
जया एकादशी का व्रत रखने के लिए सुबह स्नान के बाद साफ स्थान पर पूजा करें। भगवान विष्णु के चित्र या मूर्ति के सामने दीपक और धूप करें। मंत्रों का उच्चारण करें, जैसे “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।” व्रती को दिनभर संयमित रहना चाहिए और भोजन में फल, दूध, दही या हल्का खाना लें। निर्जला व्रत करने वालों को केवल जल पीना चाहिए।
विशेष: दिनभर ध्यान और भक्ति में समय बिताने से व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ और मानसिक शांति प्राप्त होती है। रात को व्रत खोलते समय फलाहार या हल्का भोजन करना चाहिए।
जया एकादशी के उपाय और लाभ
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जया एकादशी का व्रत करने से सभी पाप नष्ट होते हैं।
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व्यक्ति को स्वास्थ्य, मानसिक शांति और धन की प्राप्ति होती है।
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भगवान विष्णु की भक्ति से जीवन में सुख, समृद्धि और भाग्य में वृद्धि होती है।
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दान, सेवा और पूजा करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
महत्वपूर्ण: इस दिन जप, ध्यान और दान में समय बिताना सबसे शुभ माना जाता है।
आज के व्रत का असर सभी राशियों पर
जया एकादशी सभी राशियों के लिए शुभ है। विशेषकर सिंह, कन्या, वृषभ और वृश्चिक राशि के जातकों को आज विशेष लाभ मिलने की संभावना है।
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मेष: व्यापारिक मामलों में सफलता।
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वृषभ: परिवार और धन लाभ।
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मिथुन: कानूनी और शिक्षा संबंधी मामलों में लाभ।
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कर्क: सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि।
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सिंह: व्यापार और राजनीतिक गतिविधियों में सफलता।
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कन्या: अध्यात्म और धार्मिक कार्यों में लाभ।
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तुला: सावधानी से कार्य करें।
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वृश्चिक: टीमवर्क और दांपत्य जीवन में सफलता।
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धनु: मेहनत और लगन से लाभ।
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मकर: प्रतिष्ठा और नई जिम्मेदारियां।
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कुंभ: पारिवारिक सहयोग और सावधानी।
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मीन: साहस और सामाजिक लाभ।
28/29 जनवरी 2026 जया एकादशी राशिफल अनुसार लाभ
नीचे सभी राशियों के लिए 28 जनवरी 2026 जया एकादशी के अनुसार लाभ और विशेष सलाह दी जा रही है:
| राशि | एकादशी व्रत का लाभ | विशेष सलाह |
|---|---|---|
| मेष | घर और व्यवसाय में सफलता | व्रत और पूजा में ध्यान रखें |
| वृषभ | आर्थिक और पारिवारिक लाभ | नई योजना में निवेश से बचें |
| मिथुन | धन और संतान पक्ष में लाभ | कानूनी मामलों में धैर्य रखें |
| कर्क | शिक्षा और करियर में अवसर | टीम वर्क में सहयोग बनाएँ |
| सिंह | व्यापार और राजनीतिक गतिविधियों में सफलता | पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं |
| कन्या | अध्यात्म और धार्मिक कार्यों में लाभ | ध्यान और प्राणायाम करें |
| तुला | सावधानी और वित्तीय निर्णय | विवाद और उधार से बचें |
| वृश्चिक | टीमवर्क और दांपत्य जीवन | सामंजस्य और सहयोग बनाएँ |
| धनु | मेहनत और लगन से लाभ | निवेश सोच-समझकर करें |
| मकर | प्रतिष्ठा और नई जिम्मेदारियां | नए कार्यों में सफलता मिलेगी |
| कुंभ | पारिवारिक सहयोग और सावधानी | गोपनीय मामलों में सतर्क रहें |
| मीन | साहस और सामाजिक लाभ | परिवार और भाई-बहनों का सहयोग |
FAQs (सामान्य प्रश्न)
Q1: जया एकादशी कब है?
Answer: 28 जनवरी 2026, शाम 04:35 से 29 जनवरी 2026, दोपहर 01:55 तक।
Q2: जया एकादशी व्रत कैसे रखें?
Answer: व्रत का प्रारंभ तिथि से करें, भगवान विष्णु की पूजा करें, ध्यान और जप करें, और हल्का भोजन करें।
Q3: जया एकादशी व्रत के क्या लाभ हैं?
Answer: पाप नाश, आर्थिक और पारिवारिक लाभ, स्वास्थ्य में सुधार, मानसिक शांति और मोक्ष।
Q4: कौन से राशियों के लिए विशेष लाभकारी है?
Answer: सिंह, कन्या, वृषभ और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए विशेष लाभकारी।
Q5: जया एकादशी के व्रत में क्या भोजन किया जा सकता है?
Answer: फल, हल्की खिचड़ी, दूध और दही का सेवन किया जा सकता है।
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